Tu Kisi Rail Si Songtext
von Swanand Kirkire
Tu Kisi Rail Si Songtext
तू किसी रेल सी गुज़रती है
तू किसी रेल सी गुज़रती है
मैं किसी पुल सा थरथराता हूँ
तू भले रत्ती भर ना सुनती है
मैं तेरा नाम बुदबुदाता हूँ
किसी लंबे सफ़र की रातों में
तुझे अलाव सा जलाता हूँ
तू किसी रेल सी गुज़रती है
मैं किसी पुल सा थरथराता हूँ
काठ के ताले हैं
आँख पे डाले हैं
उनमें इशारों की चाभियाँ लगा
काठ के ताले हैं
आँख पे डाले हैं
उनमें इशारों की चाभियाँ लगा
रात जो बाकी है
शाम सताती है
नीयत में थोड़ी...
नीयत में थोड़ी खराबियाँ लगा, खराबियाँ लगा
मैं हूँ पानी के बुलबुले जैसा
तूझे सोचूँ तो फूट जाता हूँ
तू किसी रेल सी गुज़रती है
मैं किसी पुल सा थरथराता हूँ
तू किसी रेल सी गुज़रती है
मैं किसी पुल सा थरथराता हूँ
थरथराता हूँ
थरथराता हूँ
थरथराता हूँ
तू किसी रेल सी गुज़रती है
मैं किसी पुल सा थरथराता हूँ
तू भले रत्ती भर ना सुनती है
मैं तेरा नाम बुदबुदाता हूँ
किसी लंबे सफ़र की रातों में
तुझे अलाव सा जलाता हूँ
तू किसी रेल सी गुज़रती है
मैं किसी पुल सा थरथराता हूँ
काठ के ताले हैं
आँख पे डाले हैं
उनमें इशारों की चाभियाँ लगा
काठ के ताले हैं
आँख पे डाले हैं
उनमें इशारों की चाभियाँ लगा
रात जो बाकी है
शाम सताती है
नीयत में थोड़ी...
नीयत में थोड़ी खराबियाँ लगा, खराबियाँ लगा
मैं हूँ पानी के बुलबुले जैसा
तूझे सोचूँ तो फूट जाता हूँ
तू किसी रेल सी गुज़रती है
मैं किसी पुल सा थरथराता हूँ
तू किसी रेल सी गुज़रती है
मैं किसी पुल सा थरथराता हूँ
थरथराता हूँ
थरथराता हूँ
थरथराता हूँ
Writer(s): Indian Ocean, Varun Grover Lyrics powered by www.musixmatch.com